प्रोस्टेट बढ़ना क्या है
प्रोस्टेट बढ़ना, जिसे बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेज़िया (BPH) भी कहते हैं, बढ़ती उम्र के पुरुषों में होने वाली आम समस्या है। यह स्थिति तब होती है जब मूत्राशय (ब्लैडर) के नीचे स्थित और मूत्रनली (यूरेथ्रा) को घेरे रहने वाली प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार बढ़ जाता है। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में यह आम समस्या है। प्रोस्टेट के बढ़ने से मूत्रनली दब जाती है।
माना जाता है कि BPH का संबंध उम्र के साथ होने वाले हार्मोन के बदलावों से है। जब उम्र के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) का स्तर बदलता है, तो प्रोस्टेट बढ़ने लगता है। BPH आमतौर पर गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन कभी-कभी यह पुरुषों के जीवन की गुणवत्ता पर असर डालता है।
प्रोस्टेट बढ़ने के संकेत और लक्षण
प्रोस्टेट बढ़ने, यानी बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेज़िया (BPH) के संकेत और लक्षण अलग-अलग लोगों में उम्र के साथ धीरे-धीरे उभरते हैं। कुछ आम संकेत और लक्षण ये हैं:
मुख्य लक्षण
- बार-बार पेशाब आना: पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ने या BPH के कारण बार-बार पेशाब आता है, खासकर रात में।
- पेशाब शुरू करने में कठिनाई: BPH से पेशाब की धार कमज़ोर हो सकती है या पेशाब शुरू करने में दिक्कत हो सकती है।
- रुक-रुक कर पेशाब आना: पेशाब की धार अपने आप बार-बार रुक और शुरू हो सकती है, जिससे मूत्राशय को पूरी तरह खाली करना मुश्किल हो जाता है।
- पेशाब की कमज़ोर धार: पेशाब का बहाव कमज़ोर हो सकता है और मूत्राशय को पूरी तरह खाली होने में ज़्यादा समय लग सकता है।
- पेशाब पूरा न होने का एहसास: पेशाब करने के बाद भी BPH वाले पुरुषों को लग सकता है कि उनका मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हुआ है।
- पेशाब की अचानक तेज़ तलब: पेशाब की अचानक और तेज़ इच्छा हो सकती है, जिसे रोकना मुश्किल हो सकता है।
- पेशाब रुक जाना (यूरिनरी रिटेंशन): गंभीर मामलों में BPH से पेशाब रुक सकता है, यानी मूत्राशय पूरी तरह खाली नहीं हो पाता। इससे बेचैनी, दर्द और पेशाब की नली के संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।
- पेशाब की नली का संक्रमण (UTI): BPH के कारण पेशाब के रास्ते में रुकावट से UTI का जोखिम बढ़ सकता है, जिसके लक्षणों में पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना और गंदला या बदबूदार पेशाब शामिल हो सकते हैं।
ध्यान रखें कि ये लक्षण BPH में आम हैं, लेकिन ये अन्य बीमारियों, जैसे पेशाब की नली के संक्रमण, मूत्र मार्ग की पथरी या प्रोस्टेट कैंसर का भी संकेत हो सकते हैं। अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण है, तो प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के लिए लखनऊ में सबसे अच्छे यूरोलॉजिस्ट डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर से ज़रूर परामर्श लें।
प्रोस्टेट बढ़ने के कारण
प्रोस्टेट बढ़ने, यानी बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेज़िया (BPH) का सटीक कारण पूरी तरह समझा नहीं गया है, लेकिन माना जाता है कि इसका संबंध हार्मोन के बदलावों और बढ़ती उम्र से है। BPH के विकसित होने में कई कारक भूमिका निभा सकते हैं:
संभावित कारण
- हार्मोन में बदलाव: प्रोस्टेट ग्रंथि हार्मोन के उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील होती है, खासकर टेस्टोस्टेरोन और डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) के स्तर में बदलाव के प्रति। DHT टेस्टोस्टेरोन से बनने वाला हार्मोन है। उम्र बढ़ने के साथ इन हार्मोन का संतुलन बदल सकता है, जिससे प्रोस्टेट की कोशिकाएँ ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ जाती हैं।
- उम्र: BPH बुज़ुर्ग पुरुषों में सबसे ज़्यादा देखा जाता है। यह आमतौर पर 40 वर्ष की उम्र के आसपास शुरू होता है और उम्र बढ़ने के साथ और आम होता जाता है। 60 वर्ष की उम्र तक आधे से ज़्यादा पुरुषों में प्रोस्टेट कुछ हद तक बढ़ चुका होता है, और 85 वर्ष की उम्र तक यह 90% से भी ज़्यादा पुरुषों में पाया जाता है।
- पारिवारिक इतिहास: ऐसा लगता है कि BPH होने में आनुवंशिक प्रवृत्ति की भूमिका होती है। जिन पुरुषों के परिवार में यह समस्या रही है, उन्हें खुद भी यह होने की संभावना ज़्यादा होती है।
प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के लिए डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर को क्यों चुनें
प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के लिए सही डॉक्टर का चुनाव ज़रूरी है। डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर लखनऊ में सबसे अच्छे यूरोलॉजिस्ट हैं, खासकर प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के लिए। कई कारणों से डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के लिए पसंदीदा विकल्प हैं:
- डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर यूरोलॉजी और पुरुषों के स्वास्थ्य के विशेषज्ञ हैं, और प्रोस्टेट बढ़ने (BPH) की जाँच और इलाज में उनका व्यापक अनुभव है।
- डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर प्रोस्टेट बढ़ने के लिए उन्नत इलाज के कई विकल्प देते हैं, जिनमें दवाएँ, कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रियाएँ और सर्जरी शामिल हैं।
- डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर प्रोस्टेट बढ़ने के मरीज़ों को संपूर्ण देखभाल देते हैं।
- पिछले मरीज़ों की सकारात्मक समीक्षाएँ और सिफ़ारिशें डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर के बारे में बहुत कुछ बताती हैं।
प्रोस्टेट बढ़ने के लिए डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर द्वारा दिए जाने वाले इलाज
अल्फा रिडक्टेस इनहिबिटर
ये दवाएँ टेस्टोस्टेरोन को डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन (DHT) में बदलने से रोककर प्रोस्टेट ग्रंथि को छोटा करने में मदद करती हैं।
ट्रांसयूरेथ्रल रिसेक्शन ऑफ़ द प्रोस्टेट (TURP)
यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें मूत्रनली (यूरेथ्रा) के रास्ते डाले गए एक विशेष उपकरण से प्रोस्टेट का अतिरिक्त ऊतक निकाला जाता है।
ट्रांसयूरेथ्रल इन्सीज़न ऑफ़ द प्रोस्टेट (TUIP)
इस प्रक्रिया में प्रोस्टेट ग्रंथि में छोटे चीरे लगाए जाते हैं, ताकि मूत्रनली पर पड़ रहा दबाव कम हो और पेशाब का बहाव बेहतर हो।
प्रोस्टेट लेज़र सर्जरी
प्रोस्टेट ऊतक को हटाने या छोटा करने के लिए लेज़र पर आधारित कई तकनीकें, जैसे फोटोसेलेक्टिव वेपोराइज़ेशन ऑफ़ द प्रोस्टेट (PVP) या होल्मियम लेज़र एन्यूक्लिएशन ऑफ़ द प्रोस्टेट (HoLEP), इस्तेमाल की जा सकती हैं।
प्रोस्टेटिक यूरेथ्रल लिफ्ट (UroLift)
इस कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया में छोटे इम्प्लांट लगाए जाते हैं, जो बढ़े हुए प्रोस्टेट ऊतक को मूत्रनली से ऊपर उठाकर दूर थामे रखते हैं।
प्रोस्टेट आर्टरी एम्बोलाइज़ेशन (PAE)
डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर प्रोस्टेट आर्टरी एम्बोलाइज़ेशन भी करते हैं। यह कम चीर-फाड़ वाली प्रक्रिया है, जिसमें प्रोस्टेट को खून पहुँचाने वाली धमनियों में छोटे कण डाले जाते हैं, जिससे रक्त प्रवाह घटता है और प्रोस्टेट ग्रंथि सिकुड़ जाती है।
लखनऊ में पुरुषों के लिए BPH की देखभाल की योजना
प्रोस्टेट बढ़ने का इलाज लक्षणों की गंभीरता, प्रोस्टेट के आकार, पेशाब के बहाव, पेशाब के बाद बचे पेशाब (रेज़िडुअल यूरिन), संक्रमण की स्थिति, चल रही दवाओं और सामान्य स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। लक्ष्य पेशाब का बहाव बेहतर करना, रुकावट कम करना और पेशाब रुकने, मूत्राशय की पथरी, संक्रमण या किडनी पर दबाव जैसी जटिलताओं से बचाव करना है।
IPSS और बीमारी के इतिहास की समीक्षा
इलाज चुनने से पहले बार-बार पेशाब आना, अचानक तेज़ तलब, रात में पेशाब, कमज़ोर धार, ज़ोर लगाना, पेशाब पूरा न होना और रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर असर की समीक्षा की जाती है।
यूरोफ्लो और रेज़िडुअल यूरिन (बचा हुआ पेशाब)
पेशाब के बहाव की जाँच, अल्ट्रासाउंड, बचे हुए पेशाब की माप, यूरिन टेस्ट, PSA की समीक्षा और किडनी की कार्यक्षमता से यह तय करने में मदद मिलती है कि रुकावट कितनी गंभीर है।
BPH का दवाओं से इलाज
यूरोलॉजी जाँच के बाद चुने हुए मरीज़ों को अल्फा-ब्लॉकर, प्रोस्टेट का आकार घटाने वाली दवाओं, संक्रमण पर नियंत्रण और जीवनशैली में बदलाव से लाभ हो सकता है।
TURP या लेज़र सर्जरी की योजना
जब लक्षण गंभीर हों, दवाएँ काम न करें, या पेशाब रुकना, पथरी, खून आना या किडनी पर असर जैसी समस्याएँ हो जाएँ, तब सर्जरी पर चर्चा की जा सकती है।
कैथेटर और फॉलो-अप की देखभाल
प्रक्रिया के बाद की सलाह में कैथेटर की देखभाल, पेशाब के रंग में बदलाव, गतिविधियों पर पाबंदी, संक्रमण के चेतावनी संकेत और फॉलो-अप का समय शामिल होता है।
दवाओं से जुड़े जोखिम की समीक्षा
प्रक्रिया से पहले खून पतला करने वाली दवाओं, डायबिटीज़, हृदय रोगों, संक्रमण और एनेस्थीसिया के लिए फिटनेस की जाँच की जाती है।
प्रोस्टेट के लक्षणों में तुरंत इलाज कब ज़रूरी है
अगर आप पेशाब नहीं कर पा रहे हैं, पेशाब के लक्षणों के साथ बुखार आ गया है, पेशाब में थक्के आ रहे हैं, पेट के निचले हिस्से में तेज़ दर्द है, या आपको बताया गया है कि पेशाब की रुकावट से किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ।
प्रोस्टेट बढ़ने की जाँच
इलाज तय करने से पहले डॉक्टर आमतौर पर कुछ सरल जाँचें करवाते हैं, ताकि पता चल सके कि प्रोस्टेट आपके पेशाब के बहाव और किडनी को कितना प्रभावित कर रहा है।
- यूरिन रूटीन और कल्चर: पेशाब में संक्रमण, खून या शुगर की जाँच करता है।
- किडनी, मूत्राशय और प्रोस्टेट का अल्ट्रासाउंड: प्रोस्टेट का आकार दिखाता है और यह भी कि किडनी पर दबाव तो नहीं है।
- पेशाब के बाद बचा पेशाब (पोस्ट-वॉइड रेज़िडुअल यूरिन): पेशाब करने के बाद मूत्राशय में कितना पेशाब बचा है, यह मापता है।
- यूरोफ्लोमेट्री: आप एक विशेष मशीन में पेशाब करते हैं, जो दर्ज करती है कि आपकी धार कितनी तेज़ और लगातार है।
- PSA ब्लड टेस्ट: यह खून की जाँच है, जो डॉक्टर को यह तय करने में मदद करती है कि दूसरी समस्याओं को बाहर करने के लिए प्रोस्टेट की और जाँच की ज़रूरत है या नहीं।
- किडनी फ़ंक्शन टेस्ट (क्रिएटिनिन): दिखाता है कि किडनी सामान्य रूप से काम कर रही हैं या नहीं।
प्रोस्टेट बढ़ने का इलाज कैसे किया जाता है
- हल्के लक्षणों में सिर्फ़ कुछ सरल बदलाव काफ़ी हो सकते हैं, जैसे शाम को कम तरल पीना और रात में चाय, कॉफ़ी और शराब कम करना।
- कई पुरुषों को पहले ऐसी दवाएँ दी जाती हैं जो प्रोस्टेट को ढीला (रिलैक्स) करती हैं या धीरे-धीरे छोटा करती हैं, और नियमित रूप से देखा जाता है कि वे कैसे काम कर रही हैं।
- अगर दवाओं से आराम न मिले, या पेशाब रुकना, बार-बार संक्रमण, खून आना या मूत्राशय की पथरी जैसी समस्याएँ हों, तो सर्जरी की सलाह दी जा सकती है।
- TURP या लेज़र प्रोस्टेट सर्जरी जैसी सर्जरी पेशाब के रास्ते से की जाती है, इसलिए पेट पर कोई चीरा नहीं लगता।
- ऑपरेशन स्पाइनल या जनरल एनेस्थीसिया में किया जाता है, और पेशाब का बहाव रोकने वाला प्रोस्टेट का अतिरिक्त ऊतक निकाल दिया जाता है।
- सर्जरी के बाद आमतौर पर कुछ समय के लिए यूरिन कैथेटर (एक पतली नली) लगा रहता है ताकि वह जगह ठीक हो सके, फिर डिस्चार्ज से पहले या उसके तुरंत बाद उसे निकाल दिया जाता है।
प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज के बाद रिकवरी
- पहले 24-48 घंटेआप आमतौर पर कैथेटर के साथ अस्पताल में रहते हैं। पेशाब में थोड़ा खून आना आम है और कैथेटर के ज़रिए मूत्राशय को धीरे से धोया जा सकता है।
- पहला सप्ताहकैथेटर आमतौर पर पहले कुछ दिनों में निकाल दिया जाता है। कुछ समय तक आपको जलन, अचानक तेज़ तलब या बार-बार पेशाब जाने की ज़रूरत महसूस हो सकती है। जब तक डॉक्टर मना न करें, खूब पानी पिएँ।
- 2-4 सप्ताहज़्यादातर पुरुष हल्के काम और रोज़ की दिनचर्या पर लौट आते हैं। इस दौरान भारी सामान उठाने, ज़ोर लगाने और बाइक या स्कूटर पर लंबी सवारी से बचें।
- 4-6 सप्ताह के बादपेशाब का बहाव आमतौर पर साफ़ तौर पर बेहतर महसूस होता है। ठीक होने की प्रक्रिया पूरी होने तक कभी-कभी खून के छोटे धब्बे फिर भी दिख सकते हैं। अपने फॉलो-अप ज़रूर करवाएँ।
हर मरीज़ अलग रफ़्तार से ठीक होता है, इसलिए डॉक्टर आपके केस के हिसाब से रिकवरी और फॉलो-अप की योजना बनाकर देंगे।
लखनऊ में प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज का खर्च
प्रोस्टेट के इलाज का खर्च इस पर निर्भर करता है कि आपको क्या चाहिए। सिर्फ़ दवाओं का खर्च सर्जरी से काफ़ी कम होता है। अगर सर्जरी की ज़रूरत हो, तो खर्च ऑपरेशन के प्रकार (TURP या लेज़र), प्रोस्टेट के आकार, सर्जरी से पहले ज़रूरी जाँचों और आपके अस्पताल में रुकने के दिनों पर निर्भर करता है। ज़्यादातर परिवारों को यह उतना महँगा नहीं लगता जितना उन्होंने सोचा था।
प्रिसिजन यूरोलॉजी हॉस्पिटल लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस और कैशलेस योजनाएँ स्वीकार करता है, इसलिए प्रोस्टेट का ज़्यादातर इलाज आमतौर पर कवर हो जाता है। कुछ भी करने से पहले आपको साफ़ अनुमान (एस्टिमेट) दे दिया जाता है, ताकि कुछ भी अचानक सामने न आए। आप अपनी रिपोर्ट WhatsApp पर भेजकर पहली राय मुफ़्त में भी ले सकते हैं। कवर आपकी अपनी पॉलिसी पर निर्भर करता है, और टीम इलाज से पहले आपके बीमाकर्ता (इंश्योरर) से इसकी जाँच कर सकती है।
मुफ़्त राय के लिए रिपोर्ट भेजेंप्रोस्टेट बढ़ने के लिए डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर से क्यों मिलें
- प्रोस्टेट सर्जरी, जिसमें एंडोस्कोपिक और लेज़र विकल्प शामिल हैं
- यूरोलॉजी में 5000+ सर्जरी
- अपना PSA या अल्ट्रासाउंड WhatsApp पर भेजें, मुफ़्त पहली राय पाएँ
मरीज़ की कहानी
“My husband was suffering from severe urinary blockage and was diagnosed with prostate enlargement. … He patiently listened to all our problems, understood our concerns, and explained everything to us calmly and clearly. … My husband was initially extremely anxious and hesitant about undergoing surgery. Dr. Aditya handled him with remarkable patience and empathy.”“आदरणीय डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर जी, प्रोस्टेट ऑपरेशन को सफलतापूर्वक सम्पन्न करने के लिए आपको बहुत बहुत धन्यवाद। आपकी विशेषज्ञता, कुशलता और समर्पण के लिए हम सभी आपके आभारी हैं।”देखें: डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर समझाते हैं
प्रोस्टेट बढ़ना (BPH): अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या प्रोस्टेट बढ़ना और प्रोस्टेट कैंसर एक ही बात है?
नहीं। प्रोस्टेट का सामान्य (बिनाइन) बढ़ना यानी BPH प्रोस्टेट कैंसर नहीं है, लेकिन प्रोस्टेट की अलग-अलग बीमारियों में फ़र्क करने के लिए पेशाब के लक्षणों, PSA स्तर, जाँच और इमेजिंग को देखना पड़ सकता है।
BPH में प्रोस्टेट की सर्जरी की ज़रूरत कब पड़ती है?
जब दवाओं से आराम न मिले, लक्षण गंभीर हों, पेशाब रुक जाए, मूत्राशय की पथरी हो या बार-बार संक्रमण हो, बार-बार खून आए, या किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित हो, तब सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।
प्रोस्टेट बढ़ने के इलाज से पहले कौन-सी जाँचें उपयोगी होती हैं?
आम जाँचों में यूरिन रूटीन, संक्रमण का शक होने पर यूरिन कल्चर, अल्ट्रासाउंड, पेशाब के बाद बचे पेशाब (रेज़िडुअल यूरिन) की माप, यूरोफ्लोमेट्री, किडनी फ़ंक्शन टेस्ट, PSA की समीक्षा और डॉक्टर द्वारा जाँच शामिल हैं।
क्या प्रोस्टेट बढ़ने से रात में बार-बार पेशाब आ सकता है?
हाँ। BPH से रात में बार-बार पेशाब आना (नॉक्टूरिया), अचानक तेज़ तलब, पेशाब की कमज़ोर धार, मूत्राशय का पूरी तरह खाली न होना और रात में कई बार पेशाब जाना हो सकता है, हालाँकि डायबिटीज़, नींद, दवाएँ और मूत्राशय की समस्याएँ भी इसका कारण हो सकती हैं।
प्रोस्टेट बढ़ने के लिए परामर्श बुक करें
Precision Urology Hospital में OPD सोमवार से शनिवार, दोपहर 12:00 से शाम 6:00 बजे। WhatsApp पर बुक करें, टीम आपका समय पक्का कर देगी।
मुफ़्त राय के लिए WhatsApp पर अपनी रिपोर्ट भेजेंPrecision Urology Hospital, 652B/37 Pratap Nagar, Tedhi Pulia Ring Road, Lucknow 226022। रास्ता देखें
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