क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया क्या है?
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया, जिसे अंडकोष का पुराना दर्द (क्रॉनिक टेस्टिक्युलर पेन, CTP) भी कहते हैं, का मतलब अंडकोष, अंडकोष की थैली (स्क्रोटम) या ग्रोइन (कमर और जाँघ के बीच का हिस्सा) में तीन महीने से ज़्यादा समय तक रहने वाला लगातार या बार-बार होने वाला दर्द है। यह एक जटिल समस्या हो सकती है जिसके कई कारण होते हैं, जैसे संक्रमण, चोट, नसों को नुकसान, सूजन, या पीठ के निचले हिस्से या पेट जैसी दूसरी जगहों से आने वाला दर्द।
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया या अंडकोष के पुराने दर्द (CTP) के संकेत और लक्षण
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया के संकेत और लक्षण अंदरूनी कारण के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर इनमें अंडकोष, अंडकोष की थैली या ग्रोइन में तीन महीने से ज़्यादा समय तक रहने वाला लगातार या बार-बार होने वाला दर्द शामिल होता है। अन्य संकेत और लक्षण ये हो सकते हैं:
मुख्य लक्षण
- एक या दोनों अंडकोष में दुखन या धड़कता हुआ दर्द
- अंडकोष की थैली में बेचैनी या छूने पर दर्द
- अंडकोष की थैली में सूजन या उसका बड़ा हो जाना और उसमें भारीपन महसूस होना
- स्खलन या यौन गतिविधि के दौरान दर्द
- ऐसा दर्द जो पेट के निचले हिस्से, ग्रोइन या पीठ तक फैल सकता है
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया के कारण
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया, यानी तीन महीने से ज़्यादा समय तक रहने वाला अंडकोष का लगातार दर्द, कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है। ये कारण कई तरह के हो सकते हैं और इनमें ये शामिल हो सकते हैं:
संभावित कारण
- संक्रमण: बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण से होने वाला एपिडिडाइमाइटिस (एपिडिडाइमिस में सूजन) या ऑर्काइटिस (अंडकोष में सूजन) पुराने दर्द का कारण बन सकता है।
- चोट: अंडकोष या उसकी थैली पर पहले लगी चोट, जैसे सीधी मार, लगातार दर्द का कारण बन सकती है।
- टेस्टिक्युलर टॉर्शन (अंडकोष का मुड़ना): टेस्टिक्युलर टॉर्शन तब होता है जब स्पर्मेटिक कॉर्ड मुड़ जाती है और अंडकोष में खून का बहाव रुक जाता है। इलाज के बाद भी कुछ लोगों को लगातार दर्द हो सकता है।
- वैरिकोसील: अंडकोष की थैली के अंदर की नसों का फूल जाना, जिसे वैरिकोसील कहते हैं, बेचैनी या दर्द पैदा कर सकता है, खासकर खड़े रहने पर या शारीरिक गतिविधि के दौरान।
- हर्निया: इंग्वाइनल हर्निया, जिसमें पेट के अंदर की चीज़ें ग्रोइन की मांसपेशियों की किसी कमज़ोर जगह से बाहर निकल आती हैं, ग्रोइन या अंडकोष में पुराने दर्द का कारण बन सकता है।
- क्रॉनिक पेल्विक पेन सिंड्रोम: इस जटिल समस्या में पेल्विक (श्रोणि) क्षेत्र में लगातार दर्द रहता है, जो कभी-कभी अंडकोष तक फैल सकता है।
लखनऊ में अंडकोष के पुराने दर्द की जाँच
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया का मतलब है अंडकोष, अंडकोष की थैली या ग्रोइन में बार-बार होने वाला या लगातार रहने वाला दर्द। इलाज की सलाह देने से पहले डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर संक्रमण, वैरिकोसील, हर्निया, पथरी से आने वाले दूसरी जगह के दर्द, नसों की जलन, चोट, पहले हुई सर्जरी और पेल्विक दर्द के कारकों की जाँच करते हैं।
तुरंत इलाज वाले कारणों की पहले जाँच
अंडकोष में अचानक तेज़ दर्द, सूजन, बुखार, उल्टी या चोट लगने पर तुरंत डॉक्टरी देखभाल की ज़रूरत होती है और इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए।
इमेजिंग और पेशाब की जाँच
अंडकोष की थैली का अल्ट्रासाउंड, पेशाब की जाँच और शारीरिक जाँच से संक्रमण, वैरिकोसील, टॉर्शन के इतिहास या दूसरे कारणों का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
दर्द पर केंद्रित इलाज की योजना
इलाज कारण पर निर्भर करता है और इसमें दवाइयाँ, संक्रमण का इलाज, वैरिकोसील का इलाज, नसों से जुड़ा इलाज या फॉलो-अप शामिल हो सकते हैं।
अंडकोष के पुराने दर्द (क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया) की जाँच
लंबे समय तक रहने वाले अंडकोष के दर्द के कई संभावित कारण होते हैं, इसलिए डॉक्टर हर कारण का पता लगाने या उसे खारिज करने के लिए कुछ जाँचें करते हैं।
- शारीरिक जाँच: डॉक्टर अंडकोष, उनके पीछे की नली (एपिडिडाइमिस), नसों और ग्रोइन की जाँच करते हैं।
- अंडकोष की थैली का डॉप्लर अल्ट्रासाउंड: वैरिकोसील, सिस्ट, सूजन और पुरानी चोट के निशान देखता है और खून के बहाव की जाँच करता है।
- पेशाब की रूटीन जाँच और कल्चर: उस संक्रमण की जाँच करती है जो दर्द का कारण बन रहा हो या उसे बढ़ा रहा हो।
- किडनी का अल्ट्रासाउंड या CT: तब किया जा सकता है जब किडनी या मूत्रवाहिनी की पथरी का दर्द अंडकोष तक पहुँच रहा हो।
- रीढ़ या हर्निया की जाँच: कुछ मामलों में दर्द के स्रोत के रूप में पीठ की समस्याओं या ग्रोइन की हर्निया की जाँच की जाती है।
- स्पर्मेटिक कॉर्ड ब्लॉक: चुनिंदा पुरुषों में अंडकोष के पास सुन्न करने वाला इंजेक्शन यह दिखाने में मदद करता है कि दर्द कहाँ से आ रहा है।
क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया का इलाज कैसे किया जाता है
- डॉक्टर सबसे पहले संक्रमण, वैरिकोसील, हर्निया, पथरी या सिस्ट जैसे किसी साफ़ कारण को ढूँढते हैं और उस कारण का इलाज करते हैं।
- पहले आसान उपाय आज़माए जाते हैं, जैसे आराम, सहारा देने वाला अंडरवियर, गर्म सेंक और दर्द से राहत की दवाइयाँ।
- अगर संक्रमण या सूजन का शक हो, तो एंटीबायोटिक या सूजन कम करने वाली दवाइयाँ दी जा सकती हैं।
- जब नसें कारण हों, तब नसों को शांत करने वाली दवाइयाँ, पेल्विक फ्लोर फिज़ियोथेरेपी या नर्व ब्लॉक इंजेक्शन मदद कर सकते हैं।
- सर्जरी पर तभी विचार किया जाता है जब दूसरे इलाजों से फ़ायदा न हुआ हो; विकल्पों में वैरिकोसील की मरम्मत या अंडकोष की नसों को काटने की प्रक्रिया शामिल हो सकती है, जिसे बहुत सावधानी से चुना जाता है।
अंडकोष के पुराने दर्द (क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया) के इलाज के बाद रिकवरी
- पहले कुछ हफ़्तेदवाइयाँ और आसान उपाय शुरू किए जाते हैं। दर्द कब ज़्यादा या कम होता है, इसका नोट रखें, ताकि डॉक्टर को बता सकें।
- 1-3 महीनेडॉक्टर आपकी प्रगति की समीक्षा करते हैं और दवाइयाँ बदल सकते हैं या फिज़ियोथेरेपी या नर्व ब्लॉक जोड़ सकते हैं।
- प्रक्रिया के बादकुछ दिनों तक हल्की सूजन और बेचैनी आम है। सलाह के अनुसार ज़्यादातर लोग लगभग एक हफ़्ते में हल्के काम पर लौट आते हैं।
- लंबे समय मेंदर्द समय के साथ धीरे-धीरे बेहतर हो सकता है। नियमित फॉलो-अप दर्द लौटने पर इलाज को बदलने में मदद करता है।
पुराने दर्द में धैर्य की ज़रूरत होती है, और डॉक्टर आपके मामले के लिए क्रमवार योजना बनाकर आपके साथ काम करेंगे।
लखनऊ में अंडकोष के पुराने दर्द (क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया) के इलाज का खर्च
ज़्यादातर लोगों में अंडकोष के पुराने दर्द का इलाज जाँचों, दवाइयों और फॉलो-अप से हो जाता है, जो आमतौर पर बहुत महँगे नहीं होते। खर्च तभी बढ़ता है जब अतिरिक्त स्कैन, नर्व ब्लॉक या सर्जरी की ज़रूरत पड़े, और यह इस पर भी निर्भर करता है कि अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा या नहीं।
प्रिसिजन यूरोलॉजी हॉस्पिटल लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस और कैशलेस योजनाएँ स्वीकार करता है, इसलिए ज़्यादातर पॉलिसियों में प्रक्रियाएँ आमतौर पर कवर हो जाती हैं। किसी भी प्रक्रिया से पहले आपको साफ़ अनुमान (एस्टीमेट) दिया जाएगा। पहली राय मुफ़्त पाने के लिए आप अपने अल्ट्रासाउंड और दूसरी रिपोर्ट WhatsApp पर भेज सकते हैं। कवरेज आपकी अपनी पॉलिसी पर निर्भर करता है, और टीम इलाज से पहले आपके इंश्योरर से इसकी जाँच कर सकती है।
मुफ़्त राय के लिए रिपोर्ट भेजेंअंडकोष के पुराने दर्द (क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया) के लिए डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर से क्यों मिलें
- निजी परामर्श, आपसे आमने-सामने बात
- DNB-प्रशिक्षित यूरोलॉजिस्ट से एंड्रोलॉजी की देखभाल
- पहले दवाओं से इलाज; सर्जरी तभी, जब ज़रूरी हो
देखें: डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर समझाते हैं
अंडकोष का पुराना दर्द (क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया): अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
दर्द कितने समय तक रहे तो उसे क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया कहा जाता है?
जब दर्द तीन महीने से ज़्यादा समय तक बना रहे या बार-बार लौटे, तो उसे अक्सर क्रॉनिक (पुराना) दर्द कहा जाता है, लेकिन अंडकोष में अचानक या तेज़ दर्द की जाँच तुरंत करानी चाहिए।
अंडकोष के पुराने दर्द के क्या कारण होते हैं?
कारणों में संक्रमण, एपिडिडाइमाइटिस, ऑर्काइटिस, वैरिकोसील, हर्निया, चोट, पहले हुई सर्जरी, पथरी या पीठ की समस्याओं से दूसरी जगह महसूस होने वाला दर्द (रेफ़र्ड पेन) और नसों से जुड़ा दर्द शामिल हो सकते हैं।
ऑर्कियाल्जिया के लिए कौन-सी जाँचें उपयोगी हैं?
यूरोलॉजिस्ट शारीरिक जाँच, पेशाब की जाँचें, वीर्य या संक्रमण की जाँच, अंडकोष की थैली का अल्ट्रासाउंड और, जब दूसरी जगह से आने वाले दर्द (रेफ़र्ड पेन) या पथरी का शक हो, तो इमेजिंग की सलाह दे सकते हैं।
क्या क्रॉनिक ऑर्कियाल्जिया यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है?
हाँ। लंबे समय का दर्द आत्मविश्वास, अंतरंगता, स्खलन के समय सहजता और जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए यूरोलॉजी में ध्यान से जाँच कराना ज़रूरी है।
अंडकोष के पुराने दर्द के लिए परामर्श बुक करें
Precision Urology Hospital में OPD सोमवार से शनिवार, दोपहर 12:00 से शाम 6:00 बजे। WhatsApp पर बुक करें, टीम आपका समय पक्का कर देगी।
मुफ़्त राय के लिए WhatsApp पर अपनी रिपोर्ट भेजेंPrecision Urology Hospital, 652B/37 Pratap Nagar, Tedhi Pulia Ring Road, Lucknow 226022। रास्ता देखें
संबंधित इलाज
पुरुषों के स्वास्थ्य के सभी इलाज ·यूरोलॉजी के सभी इलाज · लखनऊ में यूरोलॉजिस्ट · लखनऊ में सबसे अच्छे यूरोलॉजिस्ट
- यूरोलॉजी के सवाल-जवाबआम सवालों के छोटे जवाब
- मरीज़ों की कहानियाँमरीज़ों ने Google पर क्या लिखा
- डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर के बारे मेंट्रेनिंग, अनुभव, सदस्यताएँ


