मूत्र मार्ग की चोटों के लिए विशेषज्ञ जाँच
यूरोलॉजिकल चोट में किडनी, मूत्रवाहिनी (यूरेटर), मूत्राशय (ब्लैडर), मूत्रनली (यूरेथ्रा), लिंग, अंडकोष या आसपास के अंगों को चोट लग सकती है। यह सड़क दुर्घटना, गिरने, खेल में लगी चोट, कूल्हे की हड्डियों (पेल्विस) के फ्रैक्चर, कैथेटर से हुई चोट या शरीर में कुछ घुस जाने वाली (भेदने वाली) चोट के बाद हो सकती है। यूरोलॉजिस्ट से जल्दी जाँच कराने से पेशाब से जुड़े कार्य सुरक्षित रहते हैं और लंबे समय की जटिलताएँ कम होती हैं।
चोट के बाद चेतावनी के संकेत
- दुर्घटना या गिरने के बाद पेशाब में खून आना।
- पेट के निचले हिस्से, बगल (फ्लैंक), अंडकोष या कूल्हे के पास (पेल्विस) में दर्द।
- पेशाब करने में कठिनाई या बिल्कुल पेशाब न कर पाना।
- जननांग क्षेत्र में सूजन, नील पड़ना, खून बहना या बनावट बिगड़ जाना।
- घाव वाली जगह से पेशाब का रिसाव, या कैथेटर से जुड़ी चोट के लक्षण।
इलाज का तरीका
डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर चोट का इतिहास, इमेजिंग, पेशाब की जाँच के नतीजे, कैथेटर की स्थिति और साथ में ज़रूरी सर्जरी की स्थिति देखते हैं। चोट के प्रकार के अनुसार इलाज में निगरानी, कैथेटर की देखभाल, दूरबीन (एंडोस्कोपिक) से इलाज, पुनर्निर्माण सर्जरी (रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी), या इमरजेंसी और ट्रॉमा टीमों के साथ मिलकर देखभाल शामिल हो सकती है।
मूत्र मार्ग की चोट की जाँच
चोट लगने के बाद जाँचों से पता चलता है कि पेशाब तंत्र का कौन-सा हिस्सा घायल है और चोट कितनी गंभीर है।
- शारीरिक जाँच: पेट, पीठ, पेल्विस और जननांग क्षेत्र में दर्द, सूजन या खून बहने की जाँच।
- पेशाब की जाँच: पता चलता है कि पेशाब में खून है या नहीं, जो चोट का संकेत हो सकता है।
- कंट्रास्ट के साथ CT स्कैन: किडनी, मूत्रवाहिनी और ब्लैडर की चोटें विस्तार से दिखाता है, और अक्सर ट्रॉमा की मुख्य जाँच का हिस्सा होता है।
- रेट्रोग्रेड यूरेथ्रोग्राम: अगर मूत्रनली में चोट का शक हो, तो कैथेटर डालने से पहले पेशाब के छेद से धीरे से डाई (रंगीन द्रव) डालकर किया गया एक्स-रे, जिससे मूत्रनली की जाँच की जाती है।
- अल्ट्रासाउंड: अंडकोष या अंडकोष की थैली (स्क्रोटम) की चोट में और किडनी व ब्लैडर की जल्दी जाँच के लिए उपयोगी।
- खून की जाँच: खून कितना बह गया है और किडनी कैसे काम कर रही है, यह देखने के लिए।
यूरोलॉजिकल चोटों का इलाज कैसे किया जाता है
- सबसे पहले मरीज़ को स्थिर किया जाता है, और यूरोलॉजी टीम इमरजेंसी व ट्रॉमा टीमों के साथ मिलकर काम करती है।
- किडनी की कई चोटें बिना सर्जरी के, बिस्तर पर आराम, नज़दीकी निगरानी और बार-बार स्कैन से ठीक हो जाती हैं।
- अगर पेशाब नहीं निकल पा रहा हो या मूत्रनली में चोट हो, तो सावधानी से कैथेटर डाला जा सकता है, या पेट के निचले हिस्से से ब्लैडर में नली डाली जा सकती है।
- कुछ चोटों का इलाज पतले कैमरे से या मूत्रवाहिनी के अंदर स्टेंट लगाकर किया जा सकता है।
- जो खून बहना रुक न रहा हो, ब्लैडर फट गया हो, या अंडकोष या लिंग में चोट हो, उनमें सर्जरी की ज़रूरत पड़ सकती है।
- कुछ चोटों, जैसे मूत्रनली की क्षति, में कुछ हफ़्तों या महीनों बाद योजना बनाकर मरम्मत करनी पड़ सकती है।
मूत्र मार्ग की चोट के इलाज के बाद रिकवरी
- पहले 24-48 घंटेब्लड प्रेशर, पेशाब और दर्द पर कड़ी नज़र रखी जाती है। किडनी की चोट के बाद अक्सर बिस्तर पर आराम की सलाह दी जाती है।
- पहले 1-2 हफ़्तेज़्यादातर मरीज़ स्थिर होने पर घर चले जाते हैं। कुछ मरीज़ कैथेटर के साथ घर जाते हैं और उन्हें उसकी देखभाल करना सिखाया जाता है।
- हफ़्ते 2-8जब तक डॉक्टर इजाज़त न दें, भारी वज़न उठाने, कॉन्टैक्ट स्पोर्ट्स और ज़ोर लगाने से बचें। दोबारा स्कैन किए जा सकते हैं।
- लंबे समय तक फॉलो-अपपेशाब की धार, सिकुड़न, संक्रमण, किडनी की कार्यक्षमता और जहाँ ज़रूरी हो वहाँ यौन क्षमता की जाँच।
रिकवरी चोट के प्रकार पर निर्भर करती है, इसलिए गतिविधि और फॉलो-अप के बारे में हमेशा डॉक्टर की सलाह मानें।
लखनऊ में मूत्र मार्ग की चोट के इलाज का खर्च
मूत्र मार्ग की चोट के इलाज का खर्च बहुत अलग-अलग हो सकता है। यह इस पर निर्भर करता है कि कौन-सा अंग घायल है, सर्जरी की ज़रूरत है या चोट पर सिर्फ़ निगरानी रखी जा सकती है, अस्पताल में कितने दिन रहना पड़ता है, और बाद में दोबारा मरम्मत की ज़रूरत है या नहीं।
इमरजेंसी में इलाज सबसे पहले होता है। प्रिसिजन यूरोलॉजी हॉस्पिटल लगभग सभी हेल्थ इंश्योरेंस और कैशलेस योजनाएँ स्वीकार करता है, इसलिए ज़्यादातर इलाज कवर हो जाता है, और योजनाबद्ध इलाज के लिए परिवार को स्पष्ट अनुमान (एस्टिमेट) दिया जाता है ताकि कुछ भी अप्रत्याशित न हो। आप रिपोर्ट WhatsApp पर भेजकर मुफ़्त पहली राय ले सकते हैं। कवर आपकी अपनी पॉलिसी पर निर्भर करता है, और टीम इलाज से पहले आपकी बीमा कंपनी से इसकी जाँच कर सकती है।
मुफ़्त राय के लिए रिपोर्ट भेजेंमूत्र मार्ग की चोट के लिए डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर से क्यों मिलें
- मूत्र मार्ग की चोट की तुरंत जाँच
- मूत्रनली की चोट के लिए रिकंस्ट्रक्टिव (पुनर्निर्माण) यूरोलॉजी
- हॉस्पिटल की आपातकालीन और ट्रॉमा टीमों के साथ मिलकर काम करते हैं
देखें: डॉ. आदित्य पी.एस. सेंगर समझाते हैं
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Precision Urology Hospital में OPD सोमवार से शनिवार, दोपहर 12:00 से शाम 6:00 बजे। WhatsApp पर बुक करें, टीम आपका समय पक्का कर देगी।
मुफ़्त राय के लिए WhatsApp पर अपनी रिपोर्ट भेजेंPrecision Urology Hospital, 652B/37 Pratap Nagar, Tedhi Pulia Ring Road, Lucknow 226022। रास्ता देखें
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